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आर्थिक मुद्दे पर सरकार को आत्ममंथन की आवश्यकता

आर्थिक मुद्दे पर सरकार को आत्ममंथन की आवश्यकता है।जीडीपी घट रही है,बेरोजगारी बढ़ रही है,किसान मर रहे है, एनपीए बढ़ रहा है,उत्पादन और निवेश घट रहा है,खुदरा व्यापार में वृद्धि ...

जनता को मोदी का साथ पसंद है…

डा राज कुमार सिंह विधानसभा चुनाव में उत्तर प्रदेश की जनता ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को प्रचण्ड समर्थन देकर यह सिद्ध कर दिया है कि उसे मोदी पसंद है। उत्तर प्रदेश की जनता ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपना लिया है और समाजवादी पार्टी के शासन का अंत कर दिया । भाजपा को मिला ऐतिहासिक बहुमत यह सिद्ध करता है कि उत्तर प्रदेश ने केंद्र सरकार के कामों पर तो मुहर लगा ही दिया साथ हीं उत्तर प्रदेश में भी जनता विकास चाहती है । जनता केंद्र के साथ चलना चाहती है , जनता को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से उम्मीद है , उन पर विश्वास है। जनता  सपा  सरकार के गुंडाराज  से त्रस्त थी  तभी तो  कांग्रेस के साथ के बावजूद  सपा का समर्थन नहीं किया। उत्तर प्रदेश में भाजपा की जीत ऐतिहासिक है यह जीत राम मंदिर आंदोलन के बाद बने माहौल के विपरीत सबसे बड़ी जीत है । चुनाव में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा अध्यक्ष अमित शाह की भारी मेहनत रंग लायी।प्रधानमंत्री वाराणसी की सड़कों पर 3 दिन तक घूमते रहे। अमित शाह ने सैकड़ों जनसभाएं रोड शो किए। जनता को प्रधानमंत्री भा गये और लोकसभा चुनाव क...

गूँजते रहेंगे धर्मशील जी के ठहाके

(डा राज कुमार सिंह) गुरूजी के ठहाके बनारसीपन की मिशाल थे। ऐसे ठहाके की कोई भी ठहर जाए और कुछ पल बाद ठहाके में शामिल हो जाए। कचहरी हो या कवि सम्मलेन का मंच ,अख़बार का दफ्तर हो या चौराहा ,चट्टी धर्मशील जी जहा भी जाते थे छा जाते थे। क्या कटाक्ष लिखते थे क्या व्यंग लिखते थे। स्वयं में काशी की  विकिपीडिया थे। सभी काशिवाशियों को शोकसंतप्त कर दिया। प्रत्येक की व्यक्तिगत क्षति हुइ है। धर्मशील चतुर्वेदी धर्मशील जी हिंदी और संस्कृत साहित्य मर्मज्ञ और महामना मदन मोहन मालवीय के सहयोगी रहे पंडित सीता राम चतुर्वेदी के छोटे पुत्र थे। इनके बड़े भाई जयशील चतुर्वेदी काफी पहले निधन हो चुका है। बहन जयशीला चतुर्वेदी एक विद्यालय की संचालिका हैं। इनकी भांजी प्रो कल्पलता पांडेय महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ में चीफ प्राक्टर रहीं। धर्मशील चतुर्वेदी काशी की गंगा जमुनी तहजीब के जिंदा व्यक्तित्व का नाम है। ऐसा खुशदिल व्यक्तित्व जिसने पूरी तरह से बनारसीपन को जीया, वह अब लोगों को हंसाते हंसाते रुला गया। धर्मशील जी के बारे में जितना भी कहा जाए सूरज को दीपक दिखाने सरीखा होगा। बेलौस अपनी बात रखने वाले थे धर...

कुछ खास नहीं रहा ,आम-रेल बजट

(डा राज कुमार सिंह ) वित्त मंत्री अरुण जेटली ने संसद में ऐतिहासिक बजट पेश किया।बजट ऐतिहासिक इस मायने में था क्योंकि दो परंपराएं टूटी, एक बजट समय से पूर्व 1 फरवरी को ही प्रस्तुत कर दिया गया, दूसरा इसमें रेल बजट को भी समाहित कर लिया गया। रेल मंत्री सुरेश प्रभु पहले ऐसे मंत्री बन गए हैं जिन्होंने बजट नहीं दिया।नोट बंदी में धक्के खाने के बावजूद सरकार के साथ खड़ी जनता को बजट में उम्मीद के मुताबिक नहीं मिला। साढ़े 12 हजार रुपए का टैक्स छूट देकर सरकार ने राहत पहुंचाई पर यह राहत ऊंट के मुंह में जीरा ही है। Add caption किसानों के लिए बजट में सरकार ने काफी कुछ देने का दावा किया है परंतु फसलों के मूल्य पर कोई ठोस बात नहीं की। देश के किसानों को यदि सिर्फ उनके फसलों का उचित मूल्य मिल जाए तो उनकी गरीबी व समस्याएं स्वयं दूर हो सकती हैं।सरकार को इस दिशा में सोचना चाहिए था। कृषि ऋण के लिए ऐतिहासिक रूप से 10 लाख करोड़ रुपये का लक्ष्य तय किया गया है जिसका स्वागत किया जाना चाहिए। 21.47 लाख करोड़ रुपये  व्यय के बजट से विकास का पहिया तेज अवश्य होगा परंतु नोटबंदी से हुए नुकसान की भरपाई यह बजट कर ...

महागठबंधन के सफल प्रयोग ने दिखाया रास्ता

बि हार विधानसभा में भाजपा नीत एनडीए की बड़ी हार ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तुलना में नितीश कुमार के विकास कार्यों पर मुहर लगा दिया है। इसके साथ ही महागठबंधन की महाविजय से एक और बात साफ़ हो गयी की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ख्याति कम हुई है और काम करने का तरीका लोगों को पसंद नहीं आ रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पार्टी अध्यक्ष अमित शाह के चाल,चरित्र और चेहरे पर भाजपा ने पूरा विधान सभा चुनाव लड़ा है ,ऐसे में हार की पूरी जिम्मेदारी इन्ही दो नेताओं और इनके रणनीतिकारों की है। हार 179 बनाम 59  से करारी हुई है। प्रधानमंत्री और अन्य भाजपा नेताओं को अपनी भाषा पर भी विराम लगाने की आवश्यकता है।  गाय ,बीफ ,जंतर- मंतर ,हिन्दू मुस्लिम मुद्दों की एक नहीं चली इसके उलट संघ प्रमुख मोहन भागवत का आरक्षण पर पुनर्विचार की बात और मोदी के डीएनए सम्बन्धी बयान को चालक  नितीश  कुमार और लालू यादव के महागठबंधन  ने अपने पक्ष में भुनाने में कोई कसर नहीं छोड़ी।बढ़ती दाल और अन्य खाद्य वस्तुओं की कीमतें रोकने में विफल केंद्र सरकार के प्रति भी लोगों में खास तौर पर गृहणियों में का...

बंद करो प्रकृति से छेड़छाड़

डॉ राज कुमार सिंह  भूकंप आज भी ऐसा प्रलय माना जाता है जिसे रोकने या काफी समय पहले सूचना देने की कोई प्रणाली आधुनिक वैज्ञानिकों के पास नहीं है। प्रकृति के इस तांडव के आगे सभी बेबश हो जाते हैं। सामने होता है तो बस तबाही का ऐसा मंजर जिससे उबरना आसान नहीं होता है। शानिवार को ही भरी दुपहरिया में जब लोग या तो अपने काम पर थे या फिर घरों में औरतें-बच्चे अपनी बेफिक्र जिंदगी में आने वाले इस मौत के तांडव से अनजान थे। नहीं पता था कि जिसे वे अपना घर या आशियाना समझ रहे थे वहीं कुछ ही पलों में जिंदा दफ्न होने वाले हैं। थोड़ी ही देर में एक खुशगवार माहौल चीख-पुकार में बदल गया।नेपाल और भारत में भूकंप से हुई भारी तबाही में मारे गए लोगों की संख्या एक हज़ार तक पहुँच गई है। हज़ारों और लोग अब भी मलबे में दबे हुए हैं और जीवितों की तलाश की जा रही है। भूकंप    रिक्टर पैमाने पर 7.9 मापा गया था। भूकंप प्राकृतिक घटना या मानवजनित कारणों से होता है । अक्सर भूकंप भूगर्भीय दोषों के कारण आते हैं। भारी मात्रा में गैस प्रवास, पृथ्वी के भीतर मुख्यतः गहरी मीथेन, ज्वालामुखी, भूस्खलन और नाभिकीय परीक्षण ...

13 वर्ष बाद पत्रकारपुरम में बाउण्ड्री निर्माण शुरू

वाराणसी,1 अप्रैल 2015। पत्रकारपुरम चुप्पेपुर में कई जगह पर खुले रास्ते पर बाउण्ड्री बनाने का काम बुधवार को आरम्भ हो गया। निर्माण के दौरान आसपास के कुछ लोगों ने अवरोध उत्पन्न करना चाहा, लेकिन पुलिस फोर्स के आगे उनकी एक न चली। विकास प्राधिकरण के अधिकारियों की देखरेख में चहारदीवारी का निर्माण कार्य देर रात कर जारी रहा। पत्रकार पुरम कालोनी के ब्लाक संख्या-१ के कई रास्तों पर सार्वजनिक आवागमन की बात दर्शाते हुए कुछ लोगों ने हाईकोर्ट में रिट दाखिल किया था। हाईकोर्ट ने मंडलायुक्त को इस मामले के निस्तारण का निर्देश दिया था। न्यायालय के निर्देश पर मण्डलायुक्त ने जनहित याचिका संख्या १६८४१/ २०१४ की सुनवाई करते हुए न सिर्फ  दोनों पक्षों को अपना पक्ष रखने का अवसर दिया बल्कि स्थलीय निरीक्षण कर हर एक मार्ग का मौका मुआयना भी किया। इस दौरान विरोध करने वालों के पक्ष को भी सुना गया। गत् २६ मार्च को अपना फैसला सुनाते हुए कालोनी के लेआउट के आधार पर चिन्ह्ति चहारदीवारी का निर्माण शुरू कराने का आदेश वीडीए को दिया। इस आदेश के अनुपालन में वीडीए उपाध्यक्ष सर्वज्ञ राम मिश्रा एवं सचिव एनपी सिंह ने सात सदस्...