आगे 4114 मीटर /13494 फीट के एटीट्यूड पर सेला पास ने सबका मन मोह लिया। #सेला पास में बर्फ देख 44 डिग्री गर्मी से पहुंचे हमारे चेहरे खिल उठे। वहां का तापमान लगभग 8 डिग्री था। हमें लगेज से गर्म कपडे निकालने पर मजबूर होना पड़ा। कुछ सदस्य बाहर निकलने का साहस नहीं जुटा सके।पर अन्य लोग फोटो खिंचाने के लिए बर्फ की ओर दौड़ पड़े।सबसे वरिष्ठ सदस्य अतुल जी ने सबसे सटीक स्पॉट चुन लिया था। वास्तव में अद्भुत नजारा था,नीचे बर्फ थी … पानी था… तथा पहाड़ों की चोटिया भी बर्फ से ढकी थी। वास्तव में अरुणाचल प्रदेश अपने आप में खूबसूरती समेटे अलौकिक प्रदेश है। सेला पास की सुंदरता ने थकावट दूर कर दी। है यदि आप को साँस की दिक्कत हो या हार्ट की समस्या हो तो सेला पास में नीचे मत उतारियेगा। शाम को हम बहुप्रतीक्षित तवांग पहुँच गये और विश्राम किया।
#दिरांग अरुणाचल प्रदेश के पश्चिम कामेंग जिले में एक छोटा सा शहर में स्थित है। यह तवांग के मार्ग पर बोमडिला से 43 किमी की दूरी पर स्थित है। तवांग के मार्ग पर रातोंरात रुकने के लिए यह शहर ज्यादातर पर्यटकों द्वारा उपयोग किया जाता है। असम में जोरघाट और अरुणाचल प्रदेश में तवांग के बीच 320 किमी से अधिक दूरी है।आप दिरांग और बोमडिला दोनों स्थलों में से एक जगह पर रुक सकते है।
#डाराजकुमारसिंह #drrajkumarsinghvaranasi
कल पड़े। 107 किलोमीटर की यात्रा अत्यंत रोमांचक और रोएं खड़े करने वाली थी। रास्ते में कई जगह तो हम समतल जमीन में रहने वालों को भय भी लगा ,परंतु आसपास के नजारे में उस भय को मन में घर नहीं होने दिया। शाम को हम पहुंचे और शानदार बौद्ध वास्तुकला से निर्मित होटल
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