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Now I am doctor of philosophy

Now I am Dr. Raj kumar Singh.I have got the phd degree in Journalism & Mass com on 7th of December 11 on the ocation of convocation in MGKVP,VARANASI.

janvarta

एकजुट रहना चाहिए

काट्जू ने की प्रशात भूषण के बयान की आलोचना " अगर आप कश्मीर को अलग होने की अनुमति देंगे तो मिजोरम अलग होगा, तमिलनाडु अलग होगा और सब अलग होने की बात करने लगेंगे। हमें निश्चित तौर पर एकजुट रहना चाहिए।" नई दिल्ली। भारतीय प्रेस परिषद [पीसीआई] के अध्यक्ष न्यायमूर्ति मार्कंडेय काट्जू ने कश्मीर में जनमत संग्रह कराने की वकालत करने के लिए अधिवक्ता प्रशांत भूषण की आलोचना की है। उन्होंने कहा कि यह भारत के अन्य हिस्सों में अलगाववाद को प्रोत्साहन देगा। हालाकि, उन्होंने श्रीराम सेना के कार्यकर्ताओं द्वारा पिछले हफ्ते सुप्रीम कोर्ट स्थित चैंबर में घुसकर भूषण के साथ मारपीट करने की घटना की निंदा की। शेखर गुप्ता से एनडीटीवी के 'वाक द टॉक' कार्यक्रम में कार्यक्रम में बातचीत में न्यायमूर्ति काट्जू ने कहा, 'हमें एकजुट रहना है। मैं भूषण के यह कहने से सहमत नहीं हूं कि आप अलग हो सकते हैं। मैं इन सबको स्वीकार नहीं करता हूं।' न्यायमूर्ति काट्जू को हाल में ही पीसीआई का अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। उनसे भूषण द्वारा हाल में वाराणसी में व्यक्त किए गए उस विचार पर टिप्पणी करने को कहा गया था, ...

raj kumar singh-india

JANVARTA -27-08-11/pg 1

kashi viswanath

शिव और काशी

काशी लगभग 15000 सालों से भारत के हिन्दुओ का पवित्र तीर्थ स्थान रही है.और उनकी भावनाओं का धार्मिक केन्द्र रही है. यह परम्परागत धार्मिक पवित्रता और शिक्षा का केन्द्र रही है.हिन्दू धर्म की विचित्र विषमता,संकीर्णता,तथा नानात्व और अन्तर्विरोधों के बीच यह एक सूक्षम श्रंखला है,जो सबको समन्वित करती है.केवल सनातन हिन्दुओ के लियी ही नही बौद्धो और जैनो के लिये भी यह स्थान बहुत महत्व का है.भगवान बुद्ध ने बोध गया मे ज्ञान प्राप्त होने पर सर्वप्रथम यही पर पहला उपदेश किया था.जैनियो के तीन तीर्थंकरो का जन्म यही हुआ था.इसे बनारस या वाराणसी भी कहा जाता है,पिछले सैकडो वर्षो से इसके महात्म पर विपुल साहित्य की सर्जना हुई है,पुराणो मे इसका बहुत विस्तृत वर्णन मिलता है.पुराख्यानो से पता चलता है,कि काशी प्राचीन काल से ही एक राज्य रहा,जिसकी राजधानी वाराणसी थी.पुराणो के अनुसार एल (चन्द्रवंश) के क्षत्रवृद्ध नामक राजा ने काशी राज्य की स्थापना की,उपनिषदो में यहां के राजा अजातशत्रु का उल्लेख है,जो ब्रह्म विद्या और अगिन विद्या के प्रकाण्य विद्वान थे.महाभारत के अनुशासन पर्व (३०.१०) के अनुसार अति प्राचीन काल में काशी म...